Monday, May 31, 2021

28 वर्ष सेवा देने के बाद बैंक मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए राजेश शर्मा

घुमारवीं The newswave24

घुमारवीं उपमंडल के  हिमाचल प्रदेश कॉपरेटिव बैंक घुमारवीं से सोमवार को राजेश शर्मा बैंक मैनेजर के पद से सेवानिवृत हुए।उन्होंने लगभग 28 वर्ष बैंक में अपनी सेवाएं दी।बैंक शाखा घुमारवीं की तरफ से कोविड नियमो को ध्यान में रख कर एक सादे कार्यक्रम में उन्हें इस पद से विदाई दी गयी।राजेश शर्मा ने 1993 में बतौर जूनियर क्लर्क भरमौर शाखा में जॉइन किया था।उसके बाद लखनपुर बेरी, झंडूता, व घुमारवीं में सेवाएं दी।घुमारवीं बैंक की सीनियर मैनेजर मीरा शर्मा ने राजेश शर्मा के आगामी जीवन के लिए शुभकामनाये दी।
            अपने सहकर्मियों के साथ राजेश शर्मा

कार्यक्रम में  कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव धीरज गुप्ता भी मौजूद रहे ।उन्होंने बताया कि राजेश शर्मा एक ईमानदार व मिलनसार व्यक्तित्व के व्यकित है।उनका कार्यकाल बहुत ही अच्छा रहा।बैंक में आने वाले प्रत्येक व्यकित से वह बहुत अच्छा व्यवहार करते थे।कभी किसी भी व्यकित ने किसी भी प्रकार की शिकायत  नही की।आज लगभग 28 वर्ष बैंक में सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत हुए है। यूनियन की तरफ से उन्होंने राजेश शर्मा को 10000 हजार का चेक भेंट किया।

राजेश शर्मा ने भावुक होते हुए विदाई कार्यक्रम आयोजित करने पर बैंक सहकर्मियों का  धन्यबाद किया।

बाल कल्याण समिति करेगी मासूम मन्नत की मदद

 बाड़ी गांव की मन्नत को अब हर माह मिलेगी 2500 रुपये की आर्थिक सहायता।

कोरोना के कारण बाप का साया चले जाने के बाद तीन  माह की मासूम मन्नत को अब 2500 रुपये की आर्थिक सहायता हर माह मिलेगी। बाल कल्याण समिति बिलासपुर की अध्यक्षा डॉ राजकुमारी ने मामले को गम्भीरता से उठाया। और अब इस तीन माह की मासूम को अर्ध अनाथ योजना के तहत चयनित कर लिया है। जिसके तहत दो हजार रुपये महीने के बच्ची की मां के  खाते में आएंगे। जबकि पांच सौ रुपये महीने  के हिसाब से  हर वर्ष छः हजार रुपये की  उस बच्ची के नाम  एफडी बनेगी। 

मासूम को 18 वर्ष  कि आयु तक यह आर्थिक सहायता मिलेगी।गोर रहे कि बाड़ी गांव के अमन की कोरोना के कारण मौत हो गई है। और उसका एक 11 वर्ष का  बेटा है। जबकि तीन महीने पहले ही उसने तीन महीने की मासूम को बेटी के तौर पर गोद लिया है। 

बाल कल्याण समिति बिलासपुर की अध्यक्ष डॉ राज कुमारी ने बताया की जब उन्हें इस विषय में जानकारी मिली थी। तो
उन्होंने  इस बेटी के उज्वल भविष्य को लेकर मामला निदेशालय के समक्ष उठाया। डायरेक्टर व डिप्टी डायरेक्ट के पास इस बच्ची के सर्वोत्तम हितों की बात रखते हुए उन्होंने बच्ची को उचित अनुदान उपलब्ध करवाने की मांग की।  अब निदेशालय स्तर पर आस्वाशन मिल गया है कि बेटी को अर्धनाथ योजना के तहत 2500 रुपये अनुदान राशि हर महीने प्रदान की जाएगी। 

जिसमे से बच्ची की पढ़ाई , दवाई व बच्ची की अन्य जरूरतों के लिए दो हजार रुपये मां के खाते में अनुदान के रूप में जमा होंगे। जबकि पांच सौ रुपये बच्ची के हर महीने एफडी के रूप में जमा होंगे। जमा की गई राशि बच्ची को अठारह वर्ष की आयु में दी जाएगी। डॉ राजकुमारी ने बताया कि स्थानीय प्रधान व परिवार के सदस्यों स्व जल्दी ही बच्ची सम्बन्धी दस्ताबेज मंगवाए जाएंगे। ताकि जल्दी से सरकार की तरफ से बच्ची को अनुदान राशि मुहैया होना शुरू हो जाए।

जाको राखे साईयां मार साके न कोई

साइकिल के हैंडल से  लिपटा रहा 25 मिनट तक सांप

बच्चा बेखबर होकर चलाता रहा साईकिल,

जाको राखे साइयाँ, मार साके न कोई।

घुमारवीं :- The newswave24

जाको राखे साईयां मार साके न कोई, यही कहावत सच साबित हुई घुमारवीं उप मंडल के निहारी में। 15 साल का रजत शनिवार शाम को अंधेरे में साइकिल चलाने लगा। करीव 25 मिनट साइकिल चलाने के बाद उसे साइकिल के हैंडल से सांप लिपटा हुई दिखाई दिया। गनीमत रही कि सांप ने उसे डंक नही मार। 

निहारी गांव के नवीन ने बताया कि शनिवार शाम के करीव 8 बजे परिवार के सभी सदस्यों ने खाना खाया। उसके बाद उसका बेटा रजत आंगन में साइकिल चलाने लगे गया। उस वक्त आंगन की लाइट  तो जल रही थी। लेकिन रोशनी कम थी।  नवीन ने बताया कि वह भी आंगन में खड़े होकर रजत को साइकिल चलाते देख रहे थे।और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बात कर रहे थे।  रजत के साइकिल चलाने के करीव 25 मिनट बाद जब रजत लाइट की रोशनी में आया तो उसने एकदम से साइकिल फेंक दी और खुद दूर भाग हुआ। 

नवीन ने जब अपने बेटे रजत से पूछा कि इतनी जोर से साइकिल क्यों फेंक दी तो रजत ने बताया कि साइकिल के हैंडल से कुछ लिपटा हुआ है। और वह हिल रहा है। जब नवीन ने मोवाइल जलाकर देखा तो साइकिल के हैंडल से करीव चार फुट लम्बा सांप लिपटा हुआ था। उन्होंने तुरन्त डंडा लेकर सांप को साइकिल से अलग किया।

गनीमत रही कि रजत के साथ कोई अनहोनी नही हुई।  25 मिनट तक रजत इस बात से बेखबर होकर की साइकिल चलता रहा कि साइकिल के  हैंडल से सांप लिपटा हुआ है ।

जब स्थानीय लोग मौके पर पहुँचे तो सबकी जुबान पर एक ही बात रही कि जाको राखे साइयाँ मार साके न कोई।

Sunday, May 30, 2021

हिमालयन वेलफ़ेयर फाउंडेशन ने उठाया निशुल्क आयुर्वेदिक काढ़ा वितरित करने का जिम्मा

हिमालयन वेलफ़ेयर फाउंडेशन की अनोखी पहल

लोगो की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए निशुल्क बांटा जा रहा आयुवैदिक काढ़ा
घुमारवीं :- The newswave24

हिमालयन वेलफ़ेयर फाउंडेशन ने गांव गांव में जाकर आयर्वेदिक काढ़ा पहुचाने की अनोखी पहल शुरू की है।इस काढ़े को हिमालयन काढ़ा का नाम दिया गया है।यह काढ़ा फाउंडेशन ने स्वयं तैयार करवाया है।
संस्था के संस्थापक नवनीत गुलेरिया ने बताया कि करोना काल मे प्रत्येक व्यकित व संस्थाये लोगो की मदद के लिए कार्य कर रही है।सभी को पता है कि करोना महामारी का मुख्य कारण कमजोर इम्युनिटी है।इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा बहुत फायदेमंद होता है।हिमालयन वेलफ़ेयर फाउंडेशन ने लोगो को इस महामारी से बचाने के लिए योजना बनाई।जिसके अंतर्गत घर घर जाकर स्वयं तैयार किया गया काढ़ा लोगो तक पहुचने का संकल्प लिया गया है।उन्होंने बताया कि अभी तक संस्था द्वारा तीन पंचायतों में 2000 पैकेट निशुल्क बांटे गए है।अभी तक परिणाम सकारात्मक मिले है।इस कार्य करने का उद्देश्य  प्राकृतिक जड़ीबूटियों के गुणों का बढ़ावा करना भी है।ताकि लोग इनका प्रयोग करे और न केवल करोना अपितु सभी प्रकार की बीमारियों से बच सके।
              जंगल से ग्लोय इकठी करते संस्था के लोग

वही लेखराम चंदेल जिनकी देखरेख में यह सारा कार्य किया जा रहा है।ने बताया कि यह काढ़ा पूर्ण रूप से आयुर्वेदिक तरीके से बनाया जाता है।जिसमे ग्लोय, सोंठ, तुलसी, दालचीनी ,इत्यादि जड़ीबूटियां डाली गई है।उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में 10 हजार पैकेट बनाने का लक्ष्य है।इस कार्य मे लोग स्वेच्छा से योगदान दे रहे है।
उन्होंने सभी पँचायत प्रतिनिधियों से अपील की है कि जिस भी पँचायत में काढ़े के पैकेट की जरूरत हो वह संस्था के संस्थापक नवनीत गुलेरिया से 9911330171 पर सम्पर्क करे।ताकि सम्बंधित पँचायत में निशुल्क पैकेट वितरित किये जा सके।

Thursday, May 27, 2021

आवारा सांड़ ने किया युवक को घायल।

घुमारवीं

उपमंडल घुमारवीं में आवारा पशुओं का आतंक बहुत बढ़ गया है।सड़क, रास्तो पर पशुओं के झुंड देखने को मिलते है।प्रशासन इन पशुओं की समस्या के निदान के लिए कई दावे करता है।लेकिन कोई भी योजना कागजो से निकल कर हकीकत का रूप नही ले पाई है।अक्सर आवारा पशुओं राहगीरों पर हमला कर देते है।कई बार तो लोगो को इनके आतंक से जान भी गवानी पड़ी है।
आवारा पशुओं के हमले से एक ओर युवक घायल हो गया।घुमारवीं उपमंडल के दकडी पँचायत के अबधानिघाट के होशियार सिंह को आवारा पशु ने गम्भीर रूप से घायल कर दिया है।युवक की दायीं टांग व बायीं बाजू पर काफी चोटें आई है।समय रहते अगर लोगो ने उन्हें सांड के चंगुल से नही छुड़ाया होता तो कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी।

जानकारी के अनुसार होशियार सिंह सपुत्र विचित्र सिंह अपने घर मे सोया हुआ था।कि करीब एक बजे के करीब बाहर आवाज हुई।जब उसने बाहर आकर देखा तो पाया कि घर के पास बनी क्यारियों में सांड उत्पात कर रहा है।अचानक सांड ने होशियार सिंह पर हमला कर दिया।शोर मचाने पर बाकी परिवार के लोग व पडोशी इकट्ठा हुए।काफी मुश्किल से होशियार सिंह को सांड के चंगुल से छुड़ाया गया।

बेहोशी की हालत में उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया।कोविड सेंटर होने की वजह से वहाँ इलाज नही हुआ तो परिजन उन्हें बिलासपुर अस्पताल ली गए।जहां पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने की वजह से उन्हें हमीरपुर रेफर किया गया।हमीरपुर पहुचने पर होशियार सिंह का ईलाज किया गया।डॉक्टरों के मुताबिक घाव गहरे है।जिन्हें भरने में समय लगेगा।

होशियार सिंह  ने बताया कि वह पेशे से पेंटर है।करोना कर्फ्यू की वजह से पहले ही काम धंधे ठप थे।ऐसे में अब सांड के हमले से घायल होने से वह बिस्तर पर है।अब परिवार के भरण पोषण की चिंता सता रही है।
वही वार्ड सदस्य निर्मला देवी ने प्रशासन से होशियार सिंह की आर्थिक सहायता के लिए मांग की है।

Sunday, May 23, 2021

निहान पँचायत के उपप्रधान अपनी जेब से कर रहे लोगो की सेवा।

आज करोना महामारी के चलते देश प्रदेश में जहां जान बचाने के लिए मारा मारी हो रही है।सरकार हो चाहे स्वयं व्यक्ति जान कैसे बचे इसके लिए  हर तरीके  अपनाए जा रहे हैं।जहां एक तरफ लोग लोगों की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। वहां कुछ ऐसे भी हैं।जो आपदा में भी अवसर ढूंढ रहे हैं।आज के इस भयंकर दौर में कुछ ऐसे भी पंचायत प्रतिनिधि हैं। जो स्वयं इस महामारी की चेन को तोड़ने के लिए अपने पंचायत के लोगों के लिए दिन रात एक किए हुए हैं।दूसरों पर निर्भर ना रहकर  स्वयं पँचायत के प्रत्येक  वार्ड को सैनिटाइजर कर रहे हैं।जिस के लिए स्वयं  अपनी जेब से राशि खर्च कर  सोडियम  हैप्पौचलोराईट का छिड़काव कर लोगों की सुरक्षा कैसे हो पाए इसके लिए प्रयासरत हैं।ऐसा ही उदाहरण पेश कर रहे हैं ।अक्षय शर्मा जो ग्राम पंचायत निहाण के उपप्रधान है। जिन्होंने सबसे कम उम्र में उप प्रधान का चुनाव जीतकर जिला में नाम कमाया है ।हर समय लोगों की सेवा में लगे रहना ही आजकल इनकी दिनचर्या बनी हुई है। लोगो के संपर्क करने पर हर समय हाजिर होकर समस्या को दूर करने के लिए हर संभव प्रयासरत रहते हैं। नई पंचायत गठित होने के कारण अभी तक पंचायत के पास अपना फंड ना होने के कारण जो भी करोना महामारी रोकने के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं। स्वयं अपनी जेब से राशि खर्च कर रहे हैं।स्थानीय प्रशासन स्थानीय विधायक भी इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों की  भरपूर सहायता कर रहे हैं ।अक्षय शर्मा ने बताया कि अभी तक पंचायत को दो बार सैनिटाइजर किया जा चुका है ।तथा लोगों में मास्क व अन्य सामग्री भी बांटी जा चुकी है। पंचायत में आए संक्रमित मरीजों के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।उन्होंने लोगों से आव्हान किया की 
मास्क का उपयोग करें ।कम से कम घरों से बाहर निकले, उचित दूरी बनाए रखें ।बीमारियों के आरंभिक लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें तथा टेस्ट करवा कर अगर संक्रमित रिपोर्ट आये तो स्वयं घर पर अपने आप को आइसोलेट  कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें

Monday, May 17, 2021

मेडिकल कॉलेज नेर चौक में ज्यादा मरीज दाखिल होने पर क्या कहते है पूर्व विधायक राजेश धर्माणी

पूर्व विधायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेश धर्माणी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि लाल बहादुर शास्त्री गवर्नमेंट मेडिकल कालेज व अस्पताल एवं कोविड सेंटर नेरचौक में तय सीमा से ज्यादा मरीजों भर्ती होने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई पर पड़ रहा है। इसका गंभीर असर उन मरीजों पर पड़ रहा है।जिनकी हालत नाजुक होने की वजह से उन्हें ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत है। ऐसे हालात में क्रिटिकल केयर वाले कई मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मृतकों के परिवार जन भी ऐसे आरोप लगा रहे हैं। कि उनके मृतक परिवारिक सदस्य को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं  मिल पाई ।
इस बाबत कालेज प्रिसिपल ने ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी के हवाले से स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर अवगत करवाया है।जिसमें उन्होंने अधिक मरीजों को दाखिला न दे पाने में असमर्थता दिखाई है। इस पत्र में कालेज प्रिंसिपल डॉ आर सी ठाकुर के मुताबिक स्वास्थ्य सचिव से कहा है उन्होंने आस-पास के जिला चिकित्सा अधिकारियों से अनुरोध किया है कि जब तक निर्माणाधीन ऑक्सीजन मेनिफोल्ड बन कर तैयार नहीं हो जाता तब तक ओर मरीज न भेजे जाए।क्योंकि पहले से भर्ती मरीजों को भी ऑक्सीजन पर्याप्त नहीं दे पा रहे हैं। । पत्र के मुताबिक वर्तमान ऑक्सीजन मेनिफोल्ड अधिकतम 2500 लिटर पर मिनट के हिसाब से ऑक्सीजन बनाता है।जबकि दाखिल मरीजों की  मांग 2200 से 3000 एलपीएम की है।

वही एनेस्थेसिया विभागाध्यक्ष डॉ जीवानंद द्वारा एक चैनल में दिए इंटरव्यू के मुताबिक भर्ती किए गए मरीजों की यह जरूरत व मांग 3000-4000 एलपीएम है। ऑक्सीजन मेनिफोल्ड की क्षमता अधिकतम 160 मरीजों को ऑक्सीजन प्रदान करने की है जिसे वर्तमान में भर्ती हुए  210 मरीजों में बांटा जा रहा है। इनमें 30 आई सी यू बेड हैं। जिन्हें 40-60 एलपीेएम ऑक्सीजन सप्लाई की जरूरत रहती है।  ऐसे में प्रति मरीज को ऑक्सीजन की सप्लाई कम मिल रही है। कई मृतकों के परिवारजन भी ऑक्सीजन की सही सप्लाई न मिलने का आरोप लगा रहे हैं।उन्होंने सरकार से इस समस्या के जल्द से जल्द समाधान की मांग की है।ताकि मरीजो के स्वस्थ्य से खिलवाड़ न हो।

घुमारवीं में युवा कांग्रेस ने लगाया मार्गदर्शन ब्यूरो

घुमारवीं में युवा कांग्रेस ने लगाया मार्गदर्शन ब्यूरो

 सोमवार से 18 से 44 वर्ष के युवाओं को वैक्सीन लगनी शुरू हो चुकी है। जिसके लिए घुमारवीं में युवा कांग्रेस के द्वारा एक अनोखी पहल की शुरुआत की गई है। जिसमें ब्लॉक युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष आशीष शर्मा की अध्यक्षता में युवा कांग्रेस के द्वारा मार्गदर्शन ब्यूरो की शुरुआत की है।जिसमे युवाओ को वेक्सीन लगवाने के लिए रेजिस्ट्रेशन में मदद की जा रही है।

वही घुमारवीं के पूर्व विधायक वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव राजेश धर्मानी ने भी मार्गदर्शन व्यूरो में शिरकत की और युवा कांग्रेस के इस कार्य की सराहना की । धर्मानी ने कहा की युवाओं की मदद व वैक्सीनेशन का कार्य कर रहे स्टाफ की मदद करना ही युवा कांग्रेस मार्गदर्शन ब्यूरो का मकसद है।जो कि एक बहुत अच्छी पहल है।

 इस मौके पर प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव रजनीश मेहता भी मौजूद रहे। जिन्होंने कहा की प्रदेश युवा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व व राजेश धर्माणी के आदेशानुसार घुमारवीं में युवा कांग्रेस ने मार्गदर्शन ब्यूरो लगाने की पहल की है। जिसका मकसद टीकाकरण कर रहे स्टाफ की मदद और साथ में जो भी युवा वैक्सीन लगवाने वैक्सीनेशन केंद्र पर आ रहा है। उसकी पहले थर्मल सैकैनिंग के माध्यम से बुखार देखा जा रहा है। और उसके बाद हाथों को अच्छे से सैनिटाइज करने के बाद ही वैक्सीन केंद्र के अंदर भेजा जा रहा है।

मेहता ने कहा कि जिन युवाओं की रजिस्ट्रेशन एप्लीकेशन के माध्यम से नहीं हो पा रही हो या किसी को रजिस्ट्रेशन में कोई दिक्कत आ रही हो।तो वह युवा भी हमारे मार्गदर्शन केंद्र पर आकर रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। या रजिस्ट्रेशन करते समय कोई भी दिक्कत आ रही हो तो वह हमारी हेल्प लाइन नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं।

मेहता ने कहा की घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंदर मौजूदा समय में प्रदेश में आई इस संकट की घड़ी में सीनियर कांग्रेस युवा कांग्रेस और एनएसयूआई छात्र संगठन रात दिन जनता के लिए उपलब्ध है।और मौजूदा समय में करोना जैसी महामारी को हराने के लिए हमारे तीनों संगठन लगातार अलग-अलग पंचायतों में जाकर सैनिटाइजेशन का कार्य भी जारी रखा है।

इस मौके पर नगर परिषद उपाध्यक्ष श्याम शर्मा, ब्लॉक युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष आशीष शर्मा , प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक नितेश राणा, ब्लॉक युवा कांग्रेस सोशल मीडिया संयोजक विकास शर्मा, जिला एनएसयूआई अध्यक्ष अभिषेक भारद्वाज , जिला महासचिव करण सोनी ,घुमारवीं कैंपस अध्यक्ष गौरी शंकर आदि मौजूद रहे।

आज फिर 3 ट्रेक्टर अवैध खनन करते पकड़े गए। 17500 रुपये चालान वसूला

घुमारवीं पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ मुहिम  ओर ज्यादा तेज़ कर दी है।इसी मुहिम के तहत आज छत में खनन नियमो की धज्जियां उड़ा रहे 3 ट्रेक्टरो का पुलिस ने चालान काटा है।जिनसे 17500 रुपये वसूल किये गए।पुलिस अब अवैध खनन करने वालो पर कड़ी नजर रख रही है।जैसे ही कोई सूचना मिलती है।पुलिस तत्काल करवाई करती है।

कर्फ्यू दौरान अवैध खनन करने वाले चोरी छिपे खड्डों से रेत,बजरी,व पत्थर निकाल कर ले जाते थे।जिसकी शिकायते प्रतिदिन मिल रही थी।इन शिकायतों के आधार पर घुमारवीं पुलिस ने विशेष अभियान चलाया।सभी चोर रास्तो पर नजर रखी जा रही है।

इसके अलावा बिना मास्क घूमते हुए 2 लोगो का भी चालान किया गया।जिनसे 1000 रुपये वशूल किये गए।

पुलिस एसएचओ रजनीश ठाकुर ने बताया कि अवैध खनन करने वालो के खिलाफ अभियान चलाया गया है।जिसके तहत आज छत में तीन ट्रेक्टरों को पकड़ा। जिनसे 17500 रुपये चालान वशूल किया गया है।जबकि बिना मास्क के 2 लोगो का चालान किया गया है।उन्होंने कहा कि आगे भी पुलिस की टीम यह कार्यवाही जारी रखेगी।

Sunday, May 16, 2021

अवैध खनन करने वालो पर करवाई।कटा चालान

The Newswave 24

 घुमारवीं पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ मुहिम तेज़ कर दी है।कर्फ्यू की आड़ में सीर खड्ड में खनन नियमो की धज्जियां उड़ा रहे  ट्रेक्टरो का पुलिस ने चालान काटा है। घुमारवीं पुलिस की टीम ने सुबह के समय छत , मोरसिंघी , कसोल औऱ बछड़ी में करवाई की।जिसमे 6 ट्रेक्टरों से 27000 रुपये चालान वसूल किया गया।

Saturday, May 15, 2021

एनएसआईयू घुमारवीं ने घुमारवीं में किया सेनिटाइज

*बिलासपुर मे एनएसयूआई ने चलाया  सैनिटाइजेसन अभियान: अभिषेक*
*कोरोना की वैश्विक महामारी मे हर संभव मदद करेगी एनएसयूआई.*
 पुरा देश कोरोना की महामारी से जूझ रहा है वही प्रदेश मे भी दिन प्रतिदिन सक्रिय मामले बढ़ रहे है , एनएसयूआई बिलासपुर के जिला  अध्यक्ष अभिषेक ने बताया की जिस प्रकार दिन प्रतिदिन कोरोना प्रदेश मे अपने पाँव पसार रहा वह चिंताजनक है इस को देखते हुए एनएसयूआई की बिलासपुर इकाई ने  सैनिटाइजेसन अभियान शुरू किया जिसमें भारद्वाज ने जानकारी दी की शुरुआत मे एनएसयूआई ने घुमारवी  पोस्ट ऑफिस, पुलिस थाना , बाजा़र, बस स्टैंड व आस पास के क्षेत्र मे  सैनिटाइजेसन की, आगे भी एनएसयूआई इस आभियान को जारी रखेगी, जारी प्रेस विज्ञाप्ति मे अभिषेक ने बताया की एनएसयूआई ने पुरे प्रदेश में सैनिटाइजेसन अभियान चलाया है , एनएसयूआई ने महामारी मे प्रदेश  मे चाहे मास्क प्रमोशन अभियान हो या फूड बैंक जैसे अभियान पहले भी चलाए थे और आगे भी हर संभव कार्य करेगी वही उन्होंने सभी  से इस महामारी मे सरकार के निर्देशों का पालन करने व घरों मे रहने का भी आग्रह किया इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अभिषेक भारद्वाज के साथ  घुमारवी कैंपस अध्यक्ष गौरी शंकर, जिला महासचिव करण सोनी, जिला सचिव सत्यम  भारद्वाज  व घुमारवीं कैंपस सचिव राम आदि मौजूद रहे||

Friday, May 14, 2021

खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक से दुकानदार ने की बरतमीजी-

भराड़ी थाना क्षेत्र के  तहत बाड़ा दा घाट बाजार में खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक के साथ एक दुकानदार द्वारा बरतमिजी करने का मामला सामने आया है।जानकारी के मुताबिक बाड़ा दा घाट बाजार में खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक अमित कुमार ने बाजार में एक दुकान पर जाकर सब्जियों की रेट लिस्ट मांगी तो  दुकानदार खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक के साथ बदतमीजी करने लग लगा । बरतमिजी इस कदर थी कि उल्टा निरीक्षक से ही पहचान पत्र मांगने लगा। बहुत लंबी बहस के बाद निरीक्षक अमित कुमार ने पुलिस थाना भराड़ी में फोन  पर सूचित किया कि यहां पर दुकानदार द्वारा उनसे बदतमीजी की जा रही है । जिसको लेकर पुलिस थाना भराड़ी से पुलिस मौके पर पहुंची और  मामले की छानबीन शुरू कर दी । जिसमें निरीक्षक अमित कुमार ने थाना भराड़ी में शिकायत पत्र के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई ।

घुमारवीं पुलिस ने व्यकित से बरामद की 12 देसी शराब की बोतल

घुमारवीं पुलिस ने एक व्यकित को शराब के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।व्यकित के पास देशी शराब बरामद की गई।पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस की टीम शक्रवार शाम के समय मझाशु के पास गस्त पर जा रही थी।एक व्यकित सड़क किनारे एक बोरी उठा कर जा रहा था।पुलिस की गाड़ी को देखकर वह घबरा गया।और बोरी को छोड़ कर भागने लगा।पुलिस की टीम ने जब बोरी की पड़ताल की तो उनमें देसी शराब की 12 बोतल पाई गई।व्यकित को पुलिस टीम ने धर दबोचा।व्यकित की पहचान गगन कुमार सपुत्र सुख देव सिंह निवाशी घुमानी डाकघर कंदरौर तहसील घुमारवीं के रूप में की गयी है।व्यकित की आयु 40 वर्ष है।


पुलिस एसएचओ रजनीश ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मझाशु के पास एक व्यकित से 12 देसी शराब की बोतल बरामद करने का मामला सामने आया है।व्यकित को गिरफ्तार कर लिया है।और नशा अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।गिरफ्तार व्यकित से पूछताछ की जा रही है कि उसने शराब कहा से ली ।और कहाँ जा रहा था।आगामी करवाई जारी है।

कोविड हॉस्पिटल घुमारवीं में दरिद्र नारायण कल्याण समिति अब मरीजों को खाना नहीं करवाएगी मुहैया

कोविड हॉस्पिटल घुमारवीं में दरिद्र नारायण कल्याण समिति अब मरीजों को खाना नहीं करवाएगी मुहैया - मिलाप सिंह

जिला बिलासपुर के घुमारवी उपमंडल में करीब एक साल दो महीनों से सिविल हॉस्पिटल घुमारवीं में मरीजों को निशुल्क खाना खिलाने के बाद अब दरिद्र नारायणकल्याण समिति ने अपनी असमर्थता जाहिर की है | इसी विषय को लेकर आज विशेष बैठक प्रदेश अध्यक्ष मिलाप सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमे यह निर्णय लिया गया कि अब कोविड-19 हॉस्पिटल घुमारवीं में दरिद्र नारायण कल्याण समिति निशुल्क खाना उपलब्ध नहीं कराएगी। 


उपरोक्त विषय की पुष्टि करते हुए समिति सचिव जगदीश चंद ने बताया कि करीब 4 माह से दरिद्र नारायण कल्याण समिति जिसमें विशेषकर सेवानिवृत्त कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं।उन्हीं के सहयोग से इस संस्था को चलाया गया है।समिति ने सिविल हॉस्पिटल घुमारवीं में उपचाराधीन मरीजों के लिए निशुल्क खाना देने की इच्छा जताई थी | जिसे स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वीकार भी कर लिया था।अभी तक उपरोक्त समिति द्वारा निशुल्क खाना एक साल दो माह से मरीजों व उनके तीमारदारों को उपलब्ध करवाया जा रहा था। जब से सिविल हॉस्पिटल घुमारवीं को कोविड-19 में तब्दील कर दिया गया। तब भी यह समिति उपचाराधीन कोविड-19 के मरीजों उनके तीमारदारों व हॉस्पिटल में तैनात डॉक्टर सफाई कर्मी एंबुलेंस चालक व अन्य सदस्यों को निशुल्क खाना, नास्ता, चाय उपलब्ध करवा रही थी।
इसके लिए एस डी एम घुमारवीं शशि पाल शर्मा ने भी समिति द्वारा बनाए गए मरीजों के खाने की गुणवत्ता को जांचा था।तथा समिति द्वारा बनाए गए खाने की प्रशंसा भी की थी। लेकिन अब समिति ने उपरोक्त मरीजों को 16 मई से खाना देने में अपनी असमर्थता जताई है | जिसके बारे में उन्होंने एसडीएम घुमारवीं बीएमओ घुमारवीं व स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को भी सूचित कर दिया है।

जगदीश चंद ने बताया कि मात्र कुछ लोगों द्वारा जो की सेवानिवृत्त हो चुके हैं।सभी के सहयोग से इस समिति का गठन किया है। यह समिति समय-समय पर गरीब व जरूरतमंद लोगों की मदद भी करती आ रही है। इसी कड़ी में सिविल हॉस्पिटल घुमारवीं में भी उपचाराधीन मरीजों व तीमारदारों के लिए निशुल्क खाना उपलब्ध कराने का निर्णय
लिया था। लेकिन अब उन्होंने इसे अधिक देर तक चलाए रखने के लिए समिति ने असमर्थता जाहिर की है । जगदीश चंद्र ने बताया कि उपरोक्त निर्णय के बारे में एसडीम घुमारवीं को भी बता दिया गया है। अब 15 मई तक ही उपरोक्त संस्था द्वारा कोविड मरीजों को खाना उपलब्ध करवाया जाएगा तथा इसके बाद स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन को
मरीजों को खाना खिलाने की व्यवस्था स्वयं ही करनी होगी।


Thursday, May 13, 2021

सब्जियों की सप्लाई करने वालो के रेट भी हो तय

जिला बिलासपुर में आजकल खाद्य आपूर्ति विभाग के द्वारा सब्जियों के मनमाने रेट लेने के लिए दुकानदारों पर करवाई की जा रही है।बाकायदा इसके लिए विभाग ने रेट लिस्ट भी जारी करनी शुरू कर दी है।लेकिन दुकानदारों की माने तो विभाग जिस रेट लिस्ट को जारी करता है।उसके दाम  की अपेक्षा मंडियों की गाड़ियों से सब्जियां खरीदते के दाम अधिक होते है।उनमें मुनाफा न के बराबर है।छोटे सब्जी विक्रेताओं ओमकार, हरदेव, बलदेव, सोनू, रिंकू  का कहना है कि सभी दुकानदार सीधे मंडियों से सब्जी नही खरीद सकते।उन्हें सुबह मंडियों से आने वाली गाड़ियों से सब्जियां खरीदनी पड़ती है।जिस रेट के हिसाब गाड़ियों वाले सब्जियां देते है।उस हिसाब से विभाग के रेट पर सब्जी बेचना घाटे का सौदा है।
दुकानदारों ने बताया कि वीरवार को विभाग ने शिमला मिर्च के रेट 19 रुपये निर्धारित किये है।जबकि शिमला मिर्च थोक में 16-18 रुपये थी।वही 50 किलो आलू का रेट  600 रुपये व्यपारियो को मिलता है।जबकि विभाग ने 13 रुपये प्रति किलो का रेट बताया।हरा तरबूज 20 रुपये थोक में मिलता है।जबकि विभाग की लिस्ट के हिसाब से 14 रुपये बेचना है।अगर इस रेट पर सब्जी बेचनी पड़ेगी तो विभाग स्वयं दुकानदारों तक सही रेट के सब्जियां पहुचाने का प्रबंध भी करे।
उन्होंने विभाग से मांग की है कि छोटे  दुकानदारों पर करवाई करने के बजाय मंडियों से मिलने वाले माल के रेट तय किये जायें।उन पर करवाई हो।दुकानदारों को निशाना बना कर चालान न किये जायें।

 जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता अधिकारी बिलासपुर विजेंदर पठानिया ने बताया कि सब्जी विक्रेताओं को इस तरह की समस्याएं आ रही है ।तो उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।जल्द ही मंडियों से सब्जियां बेचने वालों के लिए भी रेट तय किये जायेंगे।अगर वह ज्यादा रेट पर दुकानदारों को सब्जियां बेचते है तो उनके खिलाफ भी करवाई की जाएगी।

Wednesday, May 12, 2021

पँचायत स्तर पर हो बीज वितरण का कार्य-रजनीश मेहता


प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव रजनीश मेहता ने जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार से मांग की है की जिला बिलासपुर व प्रदेश में करोना कर्फ्यू के दौरान बीज वितरण केंद्र तक पहुंचने के लिए जिला व प्रदेश के हजारों किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है बीज लाने के लिए किसानों को अपने घर से कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है और जिसके लिए प्रशासन की ओर से पास या परमिट की व्यवस्था नहीं की गई है जिसका सीधा असर खेती-बाड़ी पर नजर आने लगा है
मेहता ने कहा कि आजकल सभी किसानों ने गेहूं की फसल का कार्य पूरा कर लिया है और अब मक्की , धान,चरी ओर बाजरे की फसल की तैयारी शुरू है जिसके लिए उन्हें बीज वितरण केंद्र में जाना पड़ रहा है और जिससे निर्धारित 3 घंटों में किसान कई बार वितरण केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं और अगर पहुंच भी रहे हैं तो वहां पर भीड़ अधिक हो रही है जिसकी वजह से संक्रमण का भी खतरा बनता है और पशु चारे के बीज ना मिलने से बिजाई में देरी हो रही है

मेहता ने कहा कि जिला प्रशासन प्रदेश सरकार व संबंधित विभाग से मांग रहेगी कि बीज वितरण का कार्य पंचायत स्तर पर किया जाए ताकि किसानों को संक्रमण और भीड़ का सामना ना करना पड़े और कृषि विभाग की तरफ से वितरण केंद्रों पर इस समय चरी, बाजरा ,धान और मक्की का बीज उपलब्ध है बीज को ले जाने के लिए उन्हें निजी वाहनों में अगर आना जाना है तो उसके लिए भी प्रशासन की ओर से पास आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है अगर किसान अपने गांव से निकलते हैं तो उन्हें बीच रास्ते में पुलिस कार्यवाही का भी डर सता रहा है इसलिए प्रदेश युवा कांग्रेस मांग करती है की दिन व समय निर्धारित करके जिला बिलासपुर व पूरे प्रदेश में जिला प्रशासन और कृषि विभाग पंचायत स्तर पर बीज वितरण का कार्य शुरू करें ताकि लोगों को इस महामारी के दौरान दिक्कतों का सामना ना करना पड़े

Tuesday, May 11, 2021

जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव करवाने पर मिलते हैं 1100 रूपय: डॉक्टर प्रकाश दरोच

जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव करवाने पर मिलते हैं 1100 रूपय: डॉक्टर प्रकाश दरोच

11 मई - मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रकाश दरोच ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की योजना है। इसका आरंभ 12 अप्रैल 2005 में किया गया था। इसमें गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले महिलाओं को संस्थागत प्रसव करवाने पर सरकारी अस्पताल व चुनिंदा मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में करवाने पर 700 रुपये आर्थिक सहायता दी जाती थी।
उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से बच्चों के जन्म के समय मां और नवजात शिशु मृत्यु दर को रोकना है। जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों की अब सरकार ने वितीय सहायता बढ़ा दी है
जिसका नाम अब जननी सुरक्षा योजना प्लस कर दिया है (यह योजना 20 दिसम्बर 2019 से शुरू की गई है) गर्भवती जो गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार से व अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति से हो, या प्रवासी महिलाओं सभी को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों व चुनिदा मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में व संस्थागत प्रसव पर 1100 रुपये दिए जाते है। और केवल बी० पी० एल० परिवार से सम्बंध रखने
वाली गर्भवती महिला को घर में प्रसव करवाने का 500 रुपये दिए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं को पंजीकृत स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रसव के लिये प्रोत्साहित करना है। जब वे जन्म देने के लिये किसी अस्पताल में पंजीकरण कराते हैं।तो गर्भवती महिलाओं
को प्रसव के लिये भुगतान करने के लिये और एक प्रोत्साहन प्रदान करने के लिये नकद सहायता दी जाती है।

उन्होंने बताया कि जननी सुरक्षा योजना में आशा वर्कर का महत्वपूर्ण किरदार है। आशा कार्यकर्ता ही गर्भवती महिलाओं की पहचान से लेकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की सभी अनौपचारिक पूरी करती हैं। जेएसवाई के तहत लाभों का उपयोग करने के लिये गरीब गर्भवती महिलाओं की मदद हेतु 'आशा' मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता की भूमिका अहम् होती है। अपने क्षेत्र में उन गर्भवती महिलाओं की पहचान करना जो इस योजना से लाभ के लिये पात्र है। गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लाभों के बारे में बताना। गर्भवती महिलाओं की पंजीकरण में मदद करना और कम-से-कम 4 प्रसव पूर्व जाँच प्राप्त करना, जिसमें टीडी के इंजेक्शन एवं आयरन फोलिक एसिड की गोलियाँ शामिल हैं। जेएसवाई कार्ड और बैंक खाता सहित आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में गर्भवती महिलाओं की सहायता करना। गर्भवती महिलाओं के लिये अलग-अलग सूक्ष्म जन्म योजना तैयार करना, जिसमें उन निकटवर्ती स्वास्थ्य संस्थाओं की पहचान करना मामिल है जहाँ उनको प्रसव के लिये भेजा जा सकता है। टीबी के खिलाफ बीसीजी टीकाकरण सहित नवजात शिशुओं के लिये टीकाकरण की व्यवस्था करना। प्रसयोत्तर यात्रा के लिये जन्म के 7 दिनों के भीतर महिलाओं से मिलना। परिवार नियोजन को बढ़ावा देना आदि कार्य  शामिल है।

उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि हर गर्भपती अपना प्रसव अस्पतालों में ही करवाए। ये जच्चा बच्चा दोनों के लिए सुरक्षित है।

प्रदेश सरकार द्वारा विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं न लेने व एम्स की नवनिर्मित बिल्डिंग का प्रयोग न करना आश्चर्यजनक- धर्माणी


घुमारवीं विधानसभा के पूर्व विधायक एवम सीपीएस राजेश धर्माणी ने प्रदेश सरकार द्वारा विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं न लेने  व एम्स की नवनिर्मित बिल्डिंग को करोना मरीजो के इलाज के लिए प्रयोग न करने पर सवाल खड़े किए है।उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि करोना वायरस जनित बिमारी  कोविड-19 हिमाचल प्रदेश में भी  हर दिन सैकड़ों लोगों की जान ले रही है। मरने वालों में ऐसे कई युवा भी शामिल हैं।जिनकी कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं थी। इस आपदा से निपटने में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का साथ सहयोगी पेरामेडिकल स्टाफ सदस्यों के अतिरिक्त कई अन्य कोरोना वारियर का सराहनीय कार्य कर रहे हैं । कोरिना संक्रमित रोगियों और  कोविड-19 मरीजों को अनगिनत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । कोविड केयर सेंटर्स में भर्ती किए गए कोविड-19 के गंभीर मरीजों के उपचार के लिए सरकार ने जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात किए हैं।लेकिन फिर भी डॉक्टरों की कमी पूरी नहीं हो रही है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण  जिला बिलासपुर सहित प्रदेश के कई अस्पतालों में वेंटिलेटर व आई सी यू संचालित नहीं होने के कारण मरीजों को जान गंवानी पड़ रही है। वहीं हैरानी इस बात की है ।कि केंद्र व राज्य सरकार के आपसी तालमेल न होने के कारण इस भीषण महामारी के दौरान भी एम्स बिलासपुर में तैनात किए गए 76 विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं नहीं ली जा रही हैं।और न ही एम्स में तैयार हो चुके अस्पताल भवनों को कोविड मरीजों के उपचार के लिए प्रयोग मे लाया जा रहा है। एसोसिएट व एसिसटेंट प्रोफेसर स्तर के भी एम्स में तैनात किए गए हैं। लेकिन सरकारी लालफीताशाही और असंवेदनशीलता की वजह से इस भयंकर महामारी से निपटने में इनकी सेवाएं नहीं ली जा रही और दूसरी तरफ ईलाज के अभाव में कई मरीज असामयिक मृत्यु का शिकार हो रहे हैं । लगातार बढ़ रहे मरीजों के इलाज के लिए एक तरफ स्कूल, कालेज व अन्य संस्थाओं के निजि भवनों को भी कोविड केयर सेंटर्स के तौर पर प्रयोग में लाया जा रहा है।वहीं दूसरी तरफ एम्स बिलासपुर के नवनिर्मित भवनों का इस्तेमाल नहीं किया जाना सभी की समझ से परे है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने भी कुछ दिन पूर्व एम्स डॉक्टरों की सेवाएं लेने की बात कही थी।लेकिन यह सिर्फ न्यूज हैडलाईन तक सीमित रही और धरातल में कुछ भी नहीं हुआ। केंद्र व राज्य सरकार ने शीघ्र इस संदर्भ में कोई कदम नहीं उठाया तो कांग्रेस पार्टी जिलाधीश कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार का ध्यान आकर्षित करेगी।

एक मोबाइल… और बुझ गई मासूम ज़िंदगी, बिलासपुर की घटना समाज के लिए चेतावनी

एक मोबाइल… और बुझ गई मासूम ज़िंदगी, बिलासपुर की घटना समाज के लिए चेतावनी Himnews Today कभी-कभी छोटी सी जिद और पल भर का गुस्सा एक परिवार की प...